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Showing posts with the label दिल की बात

Faiz Ahmad Faiz हम देखेंगे

हम देखेंगे लाज़िम है कि हम भी देखेंगे वो दिन कि जिसका वादा है जो लोह-ए-अज़ल [1]  में लिखा है जब ज़ुल्म-ओ-सितम के कोह-ए-गरां  [2] रुई की तरह उड़ जाएँगे हम महकूमों [3]  के पाँव तले ये धरती धड़-धड़ धड़केगी और अहल-ए-हकम [4]  के सर ऊपर जब बिजली कड़-कड़ कड़केगी जब अर्ज-ए-ख़ुदा के काबे से सब बुत [5]  उठवाए जाएँगे हम अहल-ए-सफ़ा [6] , मरदूद-ए-हरम [7] मसनद पे बिठाए जाएँगे सब ताज उछाले जाएँगे सब तख़्त गिराए जाएँगे बस नाम रहेगा अल्लाह [8]  का जो ग़ायब भी है हाज़िर भी जो मंज़र [9]  भी है नाज़िर [10]  भी उट्ठेगा अन-अल-हक़ [11]  का नारा जो मैं भी हूँ और तुम भी हो और राज़ करेगी खुल्क-ए-ख़ुदा [12] जो मैं भी हूँ और तुम भी हो

बड़ा पछताओगे

तुम छात्रों से टकराओगे तो बड़ा पछताओगे, बड़ा पछताओगे तुम कलम को लाठियों से जो लड़वाओगे तो बड़ा पछताओगे,  बड़ा पछताओगे  तुम आंसूं गैस को चलवाओगे बड़ा पछतओगे, बड़ा पछताओगे तुम छात्रों पर गुंडे भिजवाओगे  बड़ा पछताओगे,  बड़ा पछताओगे  तुम हमसे जीत न पाओगे  बड़ा पछताओगे, बड़ा पछताओगे तुम सत्ता छोड़ के जाओगे,  बड़ा पछताओगे बड़ा पछताओगे तुम हमसे जो टकराओगे  बड़ा पछताओगे,  बड़ा पछताओगे तुम हमको निकाल न पाओगे  बड़ा पछताओगे,  बड़ा पछताओगे

सब कुछ नही बिकता इस दौर में

कौन कहता है  की सब कुछ नही बिकता इस दौर में  मैं कहता हूँ की  आज के इस दौर में सब कुछ बिकता है  लोगो का ज़मीर भी बिकता और ईमान भी  बस खरीदने वाला होना चाहिए  यहाँ सोना भी बिकता है और चाँदी भी दूध भी और मूत भी बेचने वाला चाहिए  खरीदार बहुत है  कल तक मीडिया में ऐड बिकते थे  आज पूरा मीडिया बिका हुआ है कल तक कानून की किताबें बिकती थी आज तो पूरा कानून ही बिका हुआ है कल तक पुलिस की वर्दी बिकती थी  आज पुलिस बिकी हुई है कल तक ट्रेन की टिकट बिकती थी  आज ट्रैन बिकी हुई है कल तक पैट्रॉल बिकता था आज पेट्रोल पंप की कंपनी बिकी हुई है कौन कहता है सब कुछ नही बिकता  तुम बोली तो लगाओ लोग अपनी रूह भी बेच देंगे मैं कहता हूँ सब कुछ बिकता है इस दौर में

वक़्त क्या है

वक़्त क्या है वक़्त एक सच्चाई है  जिसका हर शय गुलाम है  वक़्त की अच्छाई भी है और बुराई भी  जो वक़्त को समझ गया वो वक़्त के साथ आगे गया  जो वक़्त को कुछ भी नहीं समझता वक़्त कभी भी उसे अपने साथ नहीं  ले जाता बल्कि वह इंसान दुनिया में भी पीछे रह जाता है  वक़्त की एहमियत समझो और वक़्त का सही इस्तेमाल करो  वक़्त की अच्छी बात ये है के अपने साथ ज़िन्दगी में बुरा वक़्त को ले के आता है तो कुछ देर के लिए  वक़्त की बुरी बात ये है के अपने साथ ज़िन्दगी में अच्छे वक़्त को ले के आता है तो कुछ देर के लिए